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Budget 2019 Tax Slab: Income Tax में बड़ी राहत, मोदी सरकार ने टैक्स में 5 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री कर दिया है

Budget 2019 Tax Slab : News Hunger

आखिरकार 2019 में सरकार ने टैक्सपेयर को बड़ी राहत देने की कोशिश की। लेकिन ये राहत भी अधूरी रह गई है। 2019 के बजट में सरकार ने घोषणा की है कि 5 लाख तक कमाने वालों को कोई टैक्स नहीं देना होगा। ये बात सही है लेकिन पूरा सच नहीं है। क्योंकि सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है। बल्कि छूट बढ़ाई है। इसकी वजह से हर टैक्सपेयर को राहत नहीं मिली है। हालांकि सरकारी ने नौकरीपेशा लोगों को लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ा दिया है।

इस पोस्ट में हम नए टैक्स स्लैब की जानकारी तो दे ही रहे हैं, इन Tax Slab के आधार पर आपके Tax की गणना कैसे होती है, इसको समझने के लिए सबसे अंत में Income Tax Calculation का एक उदाहरण भी दे रहे हैं।—

Budget 2019 Tax Slab: Income Tax में बड़ी राहत, मोदी सरकार ने टैक्स में 5 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री कर दिया है

टैक्स में छूट

सरकार ने 2019 में रिबेट को पांच गुना बढ़ा दिया है। अब सरकार इनकम टैक्स में 12,500 रुपए की छूट दी रही है। लेकिन ये छूट सिर्फ उन्ही लोगों को मिलेगा जिनकी टैक्सेबल इनकम 5 लाख रुपए से कम है। पहले साढ़े तीन लाख रुपए से कम इनकम वालों को 2500 रुपए की छूट मिल रही थी।

ध्यान रखें कि ये छूट टैक्सेबल इनकम पांच लाख से कम होने पर मिलेगी। हम कुल आमदनी की बात नहीं कर रहे हैं। तमाम अन्य Exemptions और deductions को घटाने के बाद बची हुई आय जिस पर टैक्स लगता है उसे टैक्सेबल इनकम कहते हैं।

मान लीजिए आप की आमदनी 7 लाख रुपए है उसमें से आपने डेढ़ लाख रुपए पीपीएफ और ईपीएफ में लगा दिए। इसके अलावा पचास हजार रुपए एनपीएस में लगा दिए। अब चूंकि इन सभी निवेशों को टैक्स छूट प्राप्त है इसलिए इस निवेश को आपकी आमदनी से घटा दिया जाएगा। यानी दो लाख घटाने के बाद आपकी टैक्सेबल इनकम पांच लाख ही आएगी। इसी पांच लाख की कमाई पर टैक्स की गणना होगी। गणना के हिसाब से इस पर 12500 का  टैक्स बनेगा। लेकिन चूंकि आपकी आमदनी पांच लाख से ज्यादा नहीं है इसलिए आपको 12500 की छूट भी मिल जाएगी। इस छूट को घटाने के बाद आपका टैक्स जीरो हो जाएगा। आप देख सकते हैं कि इस तरह से 7 लाख तक की कमाई टैक्स फ्री हो सकती है।

स्टैंडर्ड डिडक्शन

जैसा कि हमने ऊपर बताया कि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन, नौकरी-पेशा लोगों का स्टैंडर्ड डिडक्शन 10 हजार रुपए बढ़ा दिया गया है।  यानी उनकी आमदनी से 50,000 रुपये घटाने के बाद इनकम टैक्स की गणना होगी।

  • उदाहरण के लिए, अगर आपकी सेलरी 6 लाख रुपए है तो 50 हजार रुपए इसमें से पहले ही घटा दीजिए। बची हुई 5 लाख 50 हजार रुपए की आमदनी पर ही आपके इनकम टैक्स की गणना की जाएगी।

इस 50 हजार रुपए के स्टैंडर्ड डिडक्शन से जुड़ी एक और अच्छी बात यह है कि इस पैसे के खर्च या निवेश का हिसाब करदाता को नहीं देना होगा। उसका नियोक्ता या कंपनी सेलरी में से टीडीएस का आकलन करते वक्त ही सीधे 50,000 रुपए घटाकर टैक्स की गणना करेंगे।

60 साल के कम उम्र के सामान्य करदाताओं के लिए टैक्स स्लैब
Income Tax Slab 2018-19 (Below 60 Years Age)

सालाना कुल आमदनी (Annual Total Income) Tax Rate
2.5 लाख रुपए से कम की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं
2.5 लाख से 5 लाख रुपए के बीच की आमदनी पर 5%
5 लाख से 10 लाख रुपए के बीच की आमदनी पर 20%
10 लाख रुपए से अधिक के बीच की आमदनी पर 30%

टैक्स रिबेट| Rebate

  • Tax Slab के हिसाब से टैक्स की गणना (Calculation) होने के बाद आपको 12,500 रुपए का Tax Rebate अलग से मिलता है। लेकिन, यह सिर्फ उन लोगों को ही मिलता है, जो भारतीय नागरिक (Residential individuals) हों और जिनकी सालाना आमदनी 5 लाख रुपए तक हो।
सालाना कुल आमदनी (Annual Total Income) Tax Rate
2.5 लाख रुपए से कम की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं
2.5 लाख से 5 लाख रुपए के बीच की आमदनी पर 5%
5 लाख से 10 लाख रुपए के बीच की आमदनी पर 20%
10 लाख रुपए से अधिक के बीच की आमदनी पर 30%

टैक्स रिबेट| Rebate

  • Tax Slab के हिसाब से टैक्स की गणना (Calculation) होने के बाद आपको 12,500 रुपए का Tax Rebate अलग से मिलता है। लेकिन, यह सिर्फ उन लोगों को ही मिलता है, जो भारतीय नागरिक (Residential individuals) हों और जिनकी सालाना आमदनी 5 लाख रुपए तक हो।

Surcharge| सरचार्ज

  • सालाना कुल आमदनी 50 लाख से 1 करोड़ रुपए होने पर कुल टैक्स देनदारी का 10% Surcharge भी अलग से देना पड़ता है।
  • सालाना कुल आमदनी 1 करोड़ रुपए से अधिक होने पर कुल टैक्स देनदारी का 15 % Surcharge भी अलग से देना पड़ता है।

एजुकेशनल सेस| Educational Cess

  • Taxpayers को कुल टैक्स देनदारी और Surcharge के Total पर 4% Educational Cess भी देना होगा। पड़ता है। इसे सभी आयवर्ग (Income Class) के लोगों को चुकाना पड़ता है।

Note: आपकी Income पर पहले Tax Slab के अनुसार Tax की गणना होती है। फिर उस टैक्स में से Rebate (अधिकतम 12500 रुपए) की रकम को निकाल देने के बाद जो शेष Tax बचता है, उसी पर  4 प्रतिशत Educational Cess अलग से लगता है।

इनकम टैक्स कैलकुलेटर से पता करें देय टैक्स

सीनियर सिटिजन(60 से 80 वर्ष) के सामान्य करदाताओं के लिए टैक्स स्लैब
Income Tax Slab 2018-19 For Senior Citizen (60 To 80 Years Age)

सालाना कुल आमदनी (Annual Total Income) Tax Rate
3 लाख रुपए से कम की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं
3 लाख से 5 लाख रुपए के बीच की आमदनी पर 5%
5 लाख से 10 लाख रुपए के बीच की आमदनी पर 20%
10 लाख रुपए से अधिक के बीच की आमदनी पर 30%
  • नोट: सीनियर सिटिजन के मामले में भी Surcharge, Education Cess और Rebate के नियम सामान्य Taxpayers के हिसाब से ज्यों के त्यों लागू होंगे।

सुपर सीनियर सिटिजन (80 वर्ष से अधिक) में आने वालों के लिए इनकम टैक्स स्लैब
Income Tax Slab 2018-19 For Senior Citizen (60 To 80 Years Age)

सालाना कुल आमदनी (Annual Total Income) Tax Rate
5 लाख रुपए से कम  की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं
5 लाख से 10 लाख रुपए के बीच की आमदनी पर 20%
10 लाख रुपए से अधिक 30%
  • नोट: Super Senior Citizen के मामले में भी Surcharge और Educational Cess के नियम सामान्य टैक्सपेयर्स के हिसाब से ज्यों के त्यों लागू होंगे।
  • Tax Rebate का मामला Super Senior Citizen के मामले में नहीं बनता, क्योंकि उन पर 5 लाख रुपए तक Income पर पहले ही कोई टैक्स नहीं लगता। और Rebate का फायदा सिर्फ 5 लाख रुपए तक Income वालों को ही मिलता है।

फर्म या संगठनों के लिए इनकम टैक्स स्लैब रेट | Income tax Slab Rate for Non-Individuals

सहकारी समितियों के लिए टैक्स स्लैब |For Co-Operative Societies

  • Co-Operative Societies को किसी तरह की टैक्स छूट नहीं दी गई। इनको अपनी पूरी Income पर टैक्स चुकाना होगा।
  • एक करोड़ से ज्यादा Income पर 12 फीसदी Surcharge भी देना होगा।
  • खुद पर बने Income Tax व सरचार्ज पर 3% Education Cess भी चुकाना होगा।
  • को-ऑपरेटिव सोसायटियों के लिए Tax Slab  भी थोड़ा अलग होता है, जो नीचे दिया जा रहा है।
Income Tax Slab Income Rate
10 हजार रुपए तक टैक्स योग्य Income पर 10 %
10 से 20 हजार रुपए टैक्स योग्य Income पर 20 %
20 हजार रुपए से अधिक टैक्स योग्य Income पर 30 %

बिजनेस फर्मों के लिए टैक्स स्लैब रेट | Income Tax Slab Rate For the Business Firm

सामान्य नागरिकों और परिवारों (HUF) की इनकम पर लागू टैक्स स्लैब की तरह Business Firms को उनकी आय पर टैक्स छूट का कोई स्लैब नहीं है। किसी भी बिजनेस फर्म की पूरी आय Income Tax के दायरे में आती है।

  • Financial  Year 2018-19 के लिए 250 करोड़ से कम सालाना Turn Over वाली कंपनियों पर Income Tax की दर 25% रखी गई है।
  • 250 करोड़ से अधिक Turn Over वाली कंपनियों पर Income Tax की दर 30% रखी गई है।
  • कंपनियों को अपने Income Tax  पर 15% Surcharge और 4 % Educational Cess भी देना होगा।

लोकल अथॉरिटी | Local Authority

  • बिजनेस फर्म की तरह ही Local Authorities को भी 30% की दर से Income Tax देना होता है।
  • बिजनेस फर्म की ही तरह 15% Surcharge और Educational Cess भी देना होगा।

घरेलू यानी देशी कंपनियों के लिए टैक्स स्लैब रेट | Tax Slab Rate For Domestic Companies

  • 250 करोड रुपए से कम सालाना Turn Over वाली देशी कंपनियों पर Income का 25% Tax लागू होगा।
  • 250 करोड रुपए से अधिक सालाना Turn Over वाली देशी कंपनियों को Income  का 30% Tax देना होगा।
  • ऐसी कंपनियों को Income Tax Surcharge में राहत दी गई है। एक करोड रुपए से अधिक Income वाली कंपनियों को 7% Surcharge देना होगा।
  • 10 करोड रुपए से अधिक Income वाली कंपनियों को इनकम टैक्स का 12% Surcharge देना होगा।
  • Income पर बनने वाले टैक्स और Surcharge योग पर 4% Education Cess भी देना होगा।

विदेशी कंपनियों पर टैक्स स्लैब रेट | Tax Slab Rate For Foreign Companies

  • विदेशी कंपनी से मतलब उन कंपनियों से है जिनका Control और Management पूरी तरह से भारत से बाहर किसी दूसरे देश में होता है।
  • विदेशी कंपनी को अपनी Income  का 40% Tax के रूप में चुकाना पड़ता है।  4% Education Cess भी देना होगा।
  • टैक्स योग्य Income एक करोड़ रुपए से 10 करोड़ रुपए के बीच होने पर 2% Surcharge देना होगा। 10 करोड़ रुपए से अधिक टैक्स योग्य Income होने पर Surcharge 5% देना होगा।

इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स की गणना कैसे करें
How To Calculate tax According To Tax Slab

Tax Slab के आधार पर Tax की गणना को आसानी से समझने के लिए हम मान लेते हैं कि मोहन नाम का Taxpayer , जिसकी सालाना Taxable Income 5.5 लाख रुपए है। मोहन की उम्र 45 वर्ष है, इसलिए उस पर Normal Tax Slab लागू होगा। आइए जानते हैं कि उस पर कितना टैक्स बनेगा।

सालाना कुल आमदनी Tax Rate Tax Calculation टैक्स की रकम (रुपए मे)
2.5 लाख रुपए से कम कोई टैक्स नहीं कुल 5.5 लाख रुपयों में से शुरू के 2.5 लाख के हिस्से पर कोई टैक्स नहीं बनेगा।

 

2.5 लाख से ऊपर की आमदनी बची है- 3 लाख रुपए।

00
2.5 लाख से 5 लाख रुपए तक 5% बची हुई 3 लाख रुपए की आमदनी में 2.5 लाख से 5 लाख तक के बीच में रकम होगी 2.5 लाख रुपए। इस 2.5 लाख रुपए पर 5 प्रतिशत के हिसाब से टैक्स लगेगा।

 

इसके बाद पचास हजार रुपए बचेंगे जो पांच लाख रुपए से ऊपर वाले स्लैब में आएंगे।

12,500
5 लाख से 10 लाख रुपए तक 20% 5 लाख रुपए से  ऊपर की जो 50 हजार रुपए की आमदनी है, उस पर 20 प्रतिशत के हिसाब से टैक्स बनेगा। 10,000
10 लाख रुपए से अधिक 30% __ __
      Total: 22,500

 

अब चूंकि मोहन की आमदनी 5 लाख रुपए से ज्यादा है, इसलिए उसे Tax Rebate  का फायदा नहीं मिलेगा और Tax में कोई कमी नहीं होगी। यानी कि Tax Calculation के बाद निकली पूरी 22,500 की रकम Tax मानी जाएगी।

Surcharge का मामला भी मोहन पर नहीं लागू होता, क्योंकि उसकी आमदनी 50 लाख रुपए से कम है। इसलिए टैक्स गणना के बाद निकली रकम में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।

Educational Cess चूंकि सब पर लगता है तो मोहन को भी अपनी टैक्स की रकम 22,500 पर 4 प्रतिशत के हिसाब से सेस चुकाना पड़ेगा। 22,500 का 4 प्रतिशत होता है 900 रुपए। तो अब अंतिम रूप से मोहन की टैक्स देनदारी (Tax Liability) बनी 22500+900=23400 रुपए।

तो मोहन को कुल 23,400 रुपए टैक्स के रूप में सरकार को चुकता करने होंगे।